गायत्री मन्त्र-Gayatri Mantra

Gayatri Mantra-ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गोदेवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

गायत्री मन्त्र (Gayatri Mantra)

Gayatri Mantra

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।

गायत्री मन्त्रः

गायत्री मंत्र आप सबने पढ़ा या उच्चारित किया होगा। आज हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे

আপনি নিশ্চয় গায়ত্রী মন্ত্রটি আবৃত্তি করেছেন বা জপ করেছেন। আজ আমরা এটি সম্পর্কে বিস্তারিত জানব ।

You must have recited or chanted the Gayatri Mantra. Today we will learn about it in detail.

गायत्री मन्त्र का मतलब

– हे प्रभु, कृपा करके हमारी बुद्धि को उजाला प्रदान कीजिये और हमें धर्म का सही रास्ता दिखाईये। यह मंत्र सूर्य देवता (सवितुर) के लिये प्रार्थना रूप से भी माना जाता है। हे प्रभु! आप हमारे जीवन के दाता हैं आप हमारे दुख़ और दर्द का निवारण करने वाले हैं ।आप हमें सुख़ और शांति प्रदान करने वाले हैं हे संसार के विधाता हमें शक्ति दो कि हम आपकी उज्जवल शक्ति प्राप्त कर सकें क्रिपा करके हमारी बुद्धि को सही रास्ता दिखायें।

Gayatri Mantra means

Lord, please provide light to our intellect and show us the right path of religion. This mantra is also considered as a prayer for the Sun God (Savitur).Oh God! You are the giver of our life, you are the one to relieve our sorrow and pain.You are going to give us happiness and peace, O Creator of the world, give us strength so that we can get your bright power by showing us the right path to our intellect.

গায়ত্রী মন্ত্রটির অর্থ –

প্রভু, দয়া করে আমাদের বুদ্ধিকে আলোকিত করুন এবং ধর্মের সঠিক পথটি আমাদের দেখান।এই মন্ত্রটি সূর্য দেবতার (সাবিতুর) জন্য প্রার্থনা হিসাবেও বিবেচিত হয়।হে দেবতা! আপনি আমাদের জীবনের দাতা, আমাদের দুঃখ এবং বেদনা দূর করার জন্য আপনিই।হে আমাদের সৃষ্টিকর্তা, আপনি আমাদের সুখ এবং শান্তি দিতে চলেছেন, আমাদের শক্তি দিন যাতে আমাদের বুদ্ধির সঠিক পথ দেখিয়ে আমরা আপনার উজ্জ্বল শক্তি পেতে পারি।

मंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या –

गायत्री मंत्र के पहले नौं शब्द प्रभु के गुणों की व्याख्या करते हैं

গায়ত্রী মন্ত্রের প্রতিটি শব্দের ব্যাখ্যা-


গায়ত্রী মন্ত্রের প্রথম নয়টি শব্দ ঈশ্বরের গুণাবলী ব্যাখ্যা করে।

Interpretation of each word of the Gayatri Mantra


The first nine words of the Gayatri Mantra explain the qualities of God.

Gayatri Mantraगायत्री मन्त्र का मतलबGayatri Mantra meansগায়ত্রী মন্ত্রটির অর্থ
प्रणव Pranav প্রনব
भूर मनुष्य को प्राण प्रदान करने वाला Mortal .নশ্বর (মানুষের জীবনদাতা)
भुवः दुख़ों का नाश करने वाला Destroyer of sorrows দুঃখের বিনাশকারী
स्वः सुख़ प्रदान करने वाला Giver of joy আনন্দ দানকারী
तत वहShe সে
सवितुर सूर्य की भांति उज्जवल Bright like the sun সূর্যের মতো উজ্জ্বল।
वरेण्यं सबसे उत्तम The best সেরা
भर्गो कर्मों का उद्धार करने वालाSavior ত্রাণকর্তা।
देवस्यप्रभुLord প্রভু
धीमहि आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान) Worthy of self-reflection /Attention স্ব-প্রতিবিম্বের যোগ্য
धियो बुद्धि wisdom জ্ঞান
यो जो that যে
नः हमारी Our আমাদের
प्रचोदयात् हमें शक्ति दें (प्रार्थना) Give us strength (Prayer) আমাদের শক্তি দিন
Interpretation of each word of the Gayatri Mantra

इस प्रकार से कहा जा सकता है कि गायत्री मंत्र में तीन पहलूओं का वर्णं है – स्त्रोत, ध्यान और प्रार्थना।


It can be said in this way that the Gayatri mantra has three aspects – source, meditation and prayer.


এইভাবে বলা যেতে পারে যে গায়ত্রী মন্ত্রের তিনটি দিক রয়েছে – স্ত্রোত, ধ্যান এবং প্রার্থনা।

गायत्री मंत्र संक्षेप में –

गायत्री मंत्र (वेद ग्रंथ की माता) को हिन्दू धर्म में सबसे उत्तम मंत्र माना जाता है. यह मंत्र हमें ज्ञान प्रदान करता है.

Gayatri Mantra In a nutshell –

Gayatri Mantra (Mother of Ved ) is considered the best mantra in Hinduism. This mantra provides us knowledge.

সংক্ষেপে গায়ত্রী মন্ত্র –

গায়ত্রী মন্ত্র (বেদ গ্রন্থের জননী) হিন্দু ধর্মের সেরা মন্ত্র হিসাবে বিবেচিত হয়। এই মন্ত্রটি আমাদের জ্ঞান সরবরাহ করে।

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