संस्कृत भाषा की लोचशीलता ( Elasticity of Sanskrit ) (সংস্কৃতের স্থিতিস্থাপকতা)

दोस्तों स्वागत है आपको आज के इस आर्टिकल में आज के इस आर्टिकल में आपको संस्कृत भाषा की लोचशीलता के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी! अगर आप संस्कृत भाषा की लोचशीलता पढ़ना चाहते हो तो इस आर्टिकल को लास्ट तक जरूर पढ़े! इसमें आपको पूरी जानकारी मिलेगी ! और सबसे बढ़ी बात तो यह है की आपको संस्कृत भाषा की लोचशीलता के दोस्तों अगर आप संस्कृत के छात्र हो तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए! क्यूंकि इसमें आपको संस्कृत के बारे में जानकरी दी गई है! तो चलिए पढ़ना शरू करते है!

संस्कृत भाषा की लोचशीलता ( Elasticity of Sanskrit ) (সংস্কৃতের স্থিতিস্থাপকতা)

In Sanskrit, meaning does not change even when the order of the words in a sentence changes, whereas in other languages ​​the meaning may be misplaced for example..

সংস্কৃত ভাষায়, যখন কোনও বাক্যে শব্দের ক্রম পরিবর্তিত হয় তখন অর্থ অর্থ পরিবর্তন হয় না, অন্য ভাষায় অর্থটি ভুল হতে পারে।

संस्कृत में किसी वाक्य में शब्दों का क्रम बदल जाने पर भी अर्थ नहीं बदलता, जबकि अन्य भाषाओं में अर्थ का अनर्थ हो सकता है।

In English we write
“There is a child in room”

उदाहरण के लिए हिन्दी का एक वाक्य लीजिए-
‘कमरे में एक बच्चा है।’

বাংলাতে আমরা লিখি
“ঘরে একটি শিশু আছে”

Now Suffle in english- Child is a room in ? (There is no Meaning of this sentence)

इस प्रकार लिखा जाता है, जबकि संस्कृत में केवल ‘कक्षे बालकः अस्ति’ लिखा जाता है।
अब हिन्दी वाक्य के शब्दों को उलट-पुलट कीजिए:
जैसे- ‘बच्चा में कमरे एक है’ इससे वाक्य विकृत हो गया। लेकिन संस्कृत में हम इस वाक्य को किसी भी तरह लिखें जैसे:-

এখন বাংলাতে বাক্যটির শব্দগুলি পরিবর্তন করুন:
উদাহরণস্বরূপ, ”একটি ঘরে শিশু আছে”
বাক্যটি বিকৃত করে।সংস্কৃত ভাষায় শব্দটির শব্দের ক্রম যখন পরিবর্তিত হয় তখনও অর্থ পরিবর্তন হয় না, অন্য ভাষায় উদাহরণটি ভুল জায়গায় প্রতিস্থাপন করা যেতে পারে

তবে সংস্কৃত ভাষায় আমরা এই বাক্যটি যে কোনওভাবেই লিখি —

‘बालकः कक्षे अस्ति’
‘अस्ति कक्षे बालकः’
‘बालकः अस्ति कक्षे’
‘कक्षे अस्ति बालकः’ या
‘अस्ति बालकः कक्षे’,

But in sanskrit even after shuffling a no. of time the meaning of sentence remains same

परन्तु कभी भी इसका अर्थ नहीं बदलता। यहाँ आप तीनो शब्दों को उलट-पुलट करने की सभी संभावनाओं को शामिल करके देख लिया है।इन गुणों के कारण संस्कृत को अनुवाद की सर्वश्रेष्ठ भाषा या माध्यम माना जाता है।

তবে এটি কখনই এর অর্থ পরিবর্তন করে না। এখানে আপনি তিনটি শব্দকে বিপরীত করার সমস্ত সম্ভাবনা অন্তর্ভুক্ত করেছেন।এই গুণগুলির কারণে সংস্কৃতকে অনুবাদের সেরা ভাষা বা মাধ্যম হিসাবে বিবেচনা করা হয়।

Note: This is an only comparison for better understanding, There is no such intention of degrading other languages. After all, every language has its own specialty.

দ্রষ্টব্য: এটি আরও ভাল বোঝার জন্য কেবল একটি তুলনা, অন্যান্য ভাষাগুলিকে হ্রাস করার মতো উদ্দেশ্য নেই। সর্বোপরি প্রতিটি ভাষার নিজস্ব বৈশিষ্ট্য রয়েছে।

 

 

 

 

 

 

Full review

दोस्तों इस आर्टिकल में आपको संस्कृत भाषा की लोचशीलता के बारे में पूरी जानकारी दी है अगर आपने यह आर्टिकल शुरू से पढ़ा है तो आपको सब समझ आ गया होगा इसमें आपको संस्कृत के बारे में पढ़ाया है! जैसे की आपको इस आर्टिकल में संस्कृत के वाक्य के बारे में लिखने की जानकारी दी है!

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करे! और अगर आपको कोई सवाल है तो कमेंट करे! आपके कमेंट का जबाब आपको तुरंत दिया जायगा!

Leave a Comment